1 शिक्षा मनोविज्ञान
भाग -2
Note:- युनान के "रुडोल्फ गोडक्ले" ने 1590 में मनोविज्ञान को 'आत्मा का विज्ञान" कहा ।
👉 शिक्षा मनोविज्ञान का जनक = "थार्नडाइक"
👉 प्रथम शिक्षा मनोवैज्ञानिक = "थार्नडाइक"
👉 शिक्षा और मनोविज्ञान को आपस में जोड़ने वाली कड़ी मानव - व्यवहार है।
शैक्षिक अवधारणाः-
👉शिक्षा का समन्वित रूप ।
शैक्षिक नवोन्मेष :- शिक्षा मे सूचना व संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग
👉 शिक्षा मनोविज्ञान की उत्पति = मनोविज्ञान से हुई है। 19 वी. /1900 से मानी जाती है।
👉 एक स्वतन्त्र विषय के रूप में शिक्षा मनोविज्ञान का सर्वप्रथम अध्ययन 1920 में अमेरीका में किया गया।
👉भारत में भी शिक्षा मनोविज्ञान का सर्वप्रथम अध्ययन 1920 मे किया गया।
👉शिक्षा मनोविज्ञान को, मनोविज्ञान से अलग करने का मेय थार्नडाइक, जड़, टरमन, स्टेनले हॉल, पेस्टा बॉजी, फोबेल आदि सभी को जाता है।
कोलसैनिकः-
मनोविज्ञान और शिक्षा के सर्वप्रथम व्यवस्थित सिद्धान्त प्लेटो का भी है।
स्किनर
👉शिक्षा मनोविज्ञान का प्रारम्भ अरस्तु के समय से माना जाता है।
👉 शिक्षा के क्षेत्र में मनोवैज्ञानिक आन्दोलन का सूत्रपात - रुसो ने किया था।
👉 रुसो की पुस्तक "एमिल" है जिसमें एमिल नामक बालक व सुफी नामक बालिका की शिक्षा का वर्णन किया गया
रूसो:- बालिका को घर की चारदिवारी व बालक को स्वतन्त्र वातावरण में शिक्षा दी जानी चाहिए
